Saturday, December 17, 2011

ठंडी सफ़ेद रातों में जब उदासी बरसती है
चुपके से आँखों में यादें तेरी रिसती है

सालों बीते ..बीतीं सदिया ......
लेकिन आज भी आँखों में खुशबू तेरी सिसकती है ......